Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.42.24: 'अद्रिराज! हे महान शिला! हे मुनियों के निवास! हे तीर्थों से सुशोभित हिमालय! मैं आपके शिखर पर सुखपूर्वक निवास कर चुका हूँ, अतः आपकी अनुमति लेकर यहाँ से जा रहा हूँ॥ 24॥   |   mahabharat अध्याय 3.42: अर्जुनका हिमालयसे विदा होकर मातलिके साथ स्वर्गलोकको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 42: अर्जुनका हिमालयसे विदा होकर मातलिके साथ स्वर्गलोकको प्रस्थान  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.42.24 
अद्रिराज महाशैल मुनिसंश्रय तीर्थवन्।
गच्छाम्यामन्त्रयामि त्वां सुखमस्म्युषितस्त्वयि॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'अद्रिराज! हे महान शिला! हे मुनियों के निवास! हे तीर्थों से सुशोभित हिमालय! मैं आपके शिखर पर सुखपूर्वक निवास कर चुका हूँ, अतः आपकी अनुमति लेकर यहाँ से जा रहा हूँ॥ 24॥
 
'Adriraj! O great rock! The abode of sages! The Himalayas adorned with holy places! I have lived happily on your peak, so I am leaving from here after seeking your permission.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)