Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.42.18: हे महापुरुष! जब तुम इस रथ पर दृढ़ होकर बैठोगे और घोड़ों को नियंत्रित करोगे, तब जैसे पुण्यात्मा धर्ममार्ग पर आरूढ़ होता है, वैसे ही मैं भी इस रथ पर आरूढ़ होऊँगा॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 3.42: अर्जुनका हिमालयसे विदा होकर मातलिके साथ स्वर्गलोकको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महापुरुष! जब तुम इस रथ पर दृढ़ होकर बैठोगे और घोड़ों को नियंत्रित करोगे, तब जैसे पुण्यात्मा धर्ममार्ग पर आरूढ़ होता है, वैसे ही मैं भी इस रथ पर आरूढ़ होऊँगा॥ 18॥
O saintly charioteer! When you sit firmly on this chariot and control the horses, then just as a virtuous soul embarks on the right path, in the same manner I too will board this chariot.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥