Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.42.12-13: तुम्हारे पिता देवेश्वर शतक्रतु ने मुझसे कहा है कि, ‘कुंतीपुत्र अर्जुन को यहाँ ले आओ, जिससे सब देवता उसे देख सकें।’ देवताओं, महर्षियों, गन्धर्वों और अप्सराओं से घिरे हुए इन्द्र तुम्हारे दर्शन के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।॥12-13॥ | mahabharat अध्याय 3.42: अर्जुनका हिमालयसे विदा होकर मातलिके साथ स्वर्गलोकको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुम्हारे पिता देवेश्वर शतक्रतु ने मुझसे कहा है कि, ‘कुंतीपुत्र अर्जुन को यहाँ ले आओ, जिससे सब देवता उसे देख सकें।’ देवताओं, महर्षियों, गन्धर्वों और अप्सराओं से घिरे हुए इन्द्र तुम्हारे दर्शन के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।॥12-13॥
Your father, Deveshwara Shatakratu, has said to me, 'Bring Kunti's son Arjuna here, so that all the gods may see him.' Indra, surrounded by gods, great sages, Gandharvas and Apsaras, is waiting to see you.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥