Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.41.49: तत्पश्चात् देवताओं से दिव्यास्त्र प्राप्त करके महापुरुषोत्तम अर्जुन अत्यन्त प्रसन्न हुए; उन्होंने अपने को कृतार्थ तथा अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण हुई समझी। | mahabharat अध्याय 3.41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् देवताओं से दिव्यास्त्र प्राप्त करके महापुरुषोत्तम अर्जुन अत्यन्त प्रसन्न हुए; उन्होंने अपने को कृतार्थ तथा अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण हुई समझी।
Thereafter, having received the divine weapons from the gods, the great Purushottama Arjuna was very pleased; he considered himself accomplished and his desires fulfilled.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि कैरातपर्वणि देवप्रस्थाने एकचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत कैरातपर्वमें देवप्रस्थानविषयक इकतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥