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mahabharat 3.41.48: तत्पश्चात् मनके समान गतिवाले सम्पूर्ण देवता अर्जुनको प्रणाम करके जिस प्रकार आये थे उसी प्रकार चले गये ॥48॥   |   mahabharat अध्याय 3.41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.41.48 
तत: प्रतिययुर्देवा: प्रतिमान्य धनंजयम्।
यथागतेन विबुधा: सर्वे काममनोजवा:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् मनके समान गतिवाले सम्पूर्ण देवता अर्जुनको प्रणाम करके जिस प्रकार आये थे उसी प्रकार चले गये ॥48॥
 
Thereafter all the gods, whose speed is equal to the mind as per their wishes, after paying their respects to Arjuna, went away in the same manner as they had come. ॥ 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)