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श्लोक 3.41.32  |
अनेन त्वं यदास्त्रेण संग्रामे विचरिष्यसि।
तदा नि:क्षत्रिया भूमिर्भविष्यति न संशय:॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| "जब तुम इस अस्त्र को लेकर युद्धभूमि में विचरण करोगे, तब यह सम्पूर्ण पृथ्वी क्षत्रियों से रहित हो जाएगी, इसमें संशय नहीं है।" ॥32॥ |
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| "When you will roam the battlefield with this weapon, then this entire earth will be devoid of Kshatriyas, there is no doubt about it." ॥ 32॥ |
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