श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.41.24 
अक्षया तव कीर्तिश्च लोके स्थास्यति फाल्गुन।
त्वया साक्षान्महादेवस्तोषितो हि महामृधे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
फाल्गुन! संसार में आपकी चिरस्थायी कीर्ति स्थापित होगी। आपने यहाँ महासमर में स्वयं महादेवजी को संतुष्ट किया है। 24॥
 
‘Phalgun! Your eternal fame will be established in the world. You have personally satisfied Mahadevji here in the great battle. 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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