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mahabharat 3.41.12: वे सभी देवता उस महान पर्वत की विचित्र और चमकदार चोटियों पर पहुँचे और वहाँ तपस्वी अर्जुन को देखा।   |   mahabharat अध्याय 3.41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 41: अर्जुनके पास दिक्पालोंका आगमन एवं उन्हें दिव्यास्त्र-प्रदान तथा इन्द्रका उन्हें स्वर्गमें चलनेका आदेश देना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.41.12 
ते भानुमन्ति चित्राणि शिखराणि महागिरे:।
समास्थायार्जुनं तत्र ददृशुस्तपसान्वितम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वे सभी देवता उस महान पर्वत की विचित्र और चमकदार चोटियों पर पहुँचे और वहाँ तपस्वी अर्जुन को देखा।
 
All those gods reached the strange and brilliant peaks of that great mountain and saw the ascetic Arjun there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)