पुत्रं त्यजेममहितं कुलस्य
हितं परं न च तत् त्वं चकर्थ।
इदं च राजन् हितमुक्तं न चेत् त्व-
मेवं कर्ता परितप्तासि पश्चात्॥ १२॥
अनुवाद
मैंने तुमसे स्पष्ट कहा था कि तुम्हारा यह पुत्र समस्त कुल का अनिष्ट करने वाला है, अतः तुम्हें इसका त्याग कर देना चाहिए; परन्तु तुमने मेरी उत्तम और सात्विक सलाह के अनुसार कार्य नहीं किया। हे राजन! यदि तुम अब भी अपने हित के लिए मेरी बताई हुई बात नहीं करोगे, तो तुम्हें बहुत पछताना पड़ेगा॥ 12॥
I had clearly told you that this son of yours is going to harm the entire family, so you should abandon him; but you did not act according to my good and sattvik advice. O King! If you do not do what I have told you even now for your benefit, then you will have to repent a lot.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)