श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  3.39.79 
गणेशं जगत: शम्भुं लोककारणकारणम्।
प्रधानपुरुषातीतं परं सूक्ष्मतरं हरम्॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
आप भूतों के स्वामी, सम्पूर्ण जगत के कल्याणकर्ता और जगत के कारण भी हैं। आप प्रकृति और पुरुष दोनों से परे अत्यन्त सूक्ष्म रूप हैं और भक्तों के पापों का नाश करने वाले हैं। 79॥
 
You are the master of the ghosts, the benefactor of the entire world and also the cause of the world. He is a very subtle form beyond both nature and man and is the destroyer of the sins of the devotees. 79॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)