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mahabharat 3.39.68: भगवान शिव ने कहा- फाल्गुन! मैं तुम्हारे अतुलनीय पराक्रम, साहस और धैर्य से अत्यंत संतुष्ट हूँ। तुम्हारे समान कोई दूसरा क्षत्रिय नहीं है।   |   mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.39.68 
भव उवाच
भो भो: फाल्गुन तुष्टोऽस्मि कर्मणाप्रतिमेन ते।
शौर्येणानेन धृत्या च क्षत्रियो नास्ति ते सम:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
भगवान शिव ने कहा- फाल्गुन! मैं तुम्हारे अतुलनीय पराक्रम, साहस और धैर्य से अत्यंत संतुष्ट हूँ। तुम्हारे समान कोई दूसरा क्षत्रिय नहीं है।
 
Lord Shiva said- Phalguna! I am very satisfied with your matchless valour, courage and patience. There is no other Kshatriya like you. 68.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)