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mahabharat 3.39.62: तत्पश्चात् भगवान महादेव के अंगों से अवरुद्ध होकर अर्जुन अपने पीड़ित अंगों सहित मिट्टी के ढेले के समान दिखने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.39.62 
ततोऽभिपीडितैर्गात्रै: पिण्डीकृत इवाबभौ।
फाल्गुनो गात्रसंरुद्धो देवदेवेन भारत॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान महादेव के अंगों से अवरुद्ध होकर अर्जुन अपने पीड़ित अंगों सहित मिट्टी के ढेले के समान दिखने लगे।
 
Thereafter Arjuna, blocked by the limbs of the Supreme God Mahadeva, along with his afflicted body parts, began to look like a lump of clay. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)