Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.39.46: उस समय विजयी अर्जुन ने भगवान अग्निदेव का ध्यान किया, जिन्होंने खाण्डववन में उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन देकर दो अक्षय अस्त्र प्रदान किए थे ॥46॥   |   mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.39.46 
चिन्तयामास जिष्णुस्तु भगवन्तं हुताशनम्।
पुरस्तादक्षयौ दत्तौ तूणौ येनास्य खाण्डवे॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
उस समय विजयी अर्जुन ने भगवान अग्निदेव का ध्यान किया, जिन्होंने खाण्डववन में उन्हें प्रत्यक्ष दर्शन देकर दो अक्षय अस्त्र प्रदान किए थे ॥46॥
 
At that time, the victorious Arjuna thought about Lord Agnidev, who had given him two inexhaustible weapons by giving him direct darshan in Khandavavan. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)