Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.39.45: उस समय अर्जुन के सारे बाण क्षण भर में ही नष्ट हो गए। इस प्रकार अपने बाणों का नाश होते देख उसके मन में बड़ा भय उत्पन्न हो गया ॥45॥ | mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय अर्जुन के सारे बाण क्षण भर में ही नष्ट हो गए। इस प्रकार अपने बाणों का नाश होते देख उसके मन में बड़ा भय उत्पन्न हो गया ॥45॥
At that time, all of Arjuna's arrows were destroyed in a single moment. Seeing the destruction of his arrows in this manner, great fear entered his mind. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥