Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.39.42: यदि यह रुद्रदेव के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति है, चाहे वह देवता हो या यक्ष - तो मैं तीखे बाणों से उसे मारकर तुरन्त यमलोक भेज दूँगा ॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.39.42 
देवो वा यदि वा यक्षो रुद्रादन्यो व्यवस्थित:।
अहमेनं शरैस्तीक्ष्णैर्नयामि यमसादनम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
यदि यह रुद्रदेव के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति है, चाहे वह देवता हो या यक्ष - तो मैं तीखे बाणों से उसे मारकर तुरन्त यमलोक भेज दूँगा ॥ 42॥
 
"If this is a person other than Rudradeva, be he a god or a Yaksh - I will kill him with sharp arrows and send him to Yamaloka immediately." ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)