Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.39.31: धैर्यपूर्वक मेरे सामने खड़े हो जाओ, मैं वज्र के समान भयंकर बाण चलाऊँगा। तुम भी अपनी पूरी शक्ति लगाकर मुझे परास्त करने का प्रयत्न करो। मुझ पर बाण चलाओ॥31॥   |   mahabharat अध्याय 3.39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.39.31 
स्थिरो भवस्व मोक्ष्यामि सायकानशनीनिव।
घटस्व परया शक्त्या मुञ्च त्वमपि सायकान्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
धैर्यपूर्वक मेरे सामने खड़े हो जाओ, मैं वज्र के समान भयंकर बाण चलाऊँगा। तुम भी अपनी पूरी शक्ति लगाकर मुझे परास्त करने का प्रयत्न करो। मुझ पर बाण चलाओ॥31॥
 
Stand in front of me with patience, I will shoot a terrible arrow like a thunderbolt. You also try to defeat me with all your might. Shoot your arrows at me.॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)