श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 39: भगवान् शंकर और अर्जुनका युद्ध, अर्जुनपर उनका प्रसन्न होना एवं अर्जुनके द्वारा भगवान् शंकरकी स्तुति  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.39.13 
किरातश्च समं तस्मिन्नेकलक्ष्ये महाद्युति:।
प्रमुमोचाशनिप्रख्यं शरमग्निशिखोपमम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उसी समय महाबली किरात ने भी उसी लक्ष्य पर बिजली के समान चमकीला और अग्नि की ज्वाला जैसा बाण चलाया ॥13॥
 
At the same time the mighty Kirata also shot an arrow as bright as lightning and a flame of fire at the same single target. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)