Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.38.5-7: हे ब्रह्मन्! मैंने सुना है कि युद्ध में कभी पराजित न होने वाले, योद्धाओं में श्रेष्ठ अर्जुन ने पूर्वकाल में भगवान शंकर के साथ अत्यन्त अद्भुत, अद्वितीय एवं रोमांचकारी युद्ध किया था, जिसे सुनकर पुरुषोत्तम कुन्तीपुत्र भी विनय, हर्ष और विस्मय से काँप उठे थे। अर्जुन द्वारा किये गये अन्य समस्त कर्म मुझसे कहिए। | mahabharat अध्याय 3.38: अर्जुनकी उग्र तपस्या और उसके विषयमें ऋषियोंका भगवान् शंकरके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ब्रह्मन्! मैंने सुना है कि युद्ध में कभी पराजित न होने वाले, योद्धाओं में श्रेष्ठ अर्जुन ने पूर्वकाल में भगवान शंकर के साथ अत्यन्त अद्भुत, अद्वितीय एवं रोमांचकारी युद्ध किया था, जिसे सुनकर पुरुषोत्तम कुन्तीपुत्र भी विनय, हर्ष और विस्मय से काँप उठे थे। अर्जुन द्वारा किये गये अन्य समस्त कर्म मुझसे कहिए।
O Brahman! I have heard that Arjuna, the best among warriors, who was never defeated in battle, had fought a very wonderful, unique and thrilling battle with Lord Shankar in the past, hearing about which, even the best among men, the sons of Kunti, trembled in their hearts due to humility, joy and amazement. Tell me all the other deeds done by Arjuna.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥