श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 37: अर्जुनका सब भाई आदिसे मिलकर इन्द्रकील पर्वतपर जाना एवं इन्द्रका दर्शन करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.37.39 
सोऽगच्छत् पर्वतांस्तात तपोधननिषेवितान्।
दिव्यं हैमवतं पुण्यं देवजुष्टं परंतप:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
तथापि अर्जुन तपस्वी मुनियों से सेवित पर्वतों को पार करके दिव्य, पवित्र और ईश्वर से सेवित हिमालय पर्वत पर पहुँचे ॥39॥
 
However, Arjuna passed through the mountains served by ascetic saints and reached the divine, sacred and God-served Himalayan Mountains. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)