Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.36.9-11: भूरिश्रवा, शल, महाबली जलसंध, भीष्म, द्रोण, कर्ण, महाबली अश्वत्थामा और सदा आतंकित रहने वाला धृतराष्ट्र का भयंकर पुत्र दुर्योधन, ये सभी अस्त्र-शस्त्र विद्या में निपुण हैं और जिन-जिन राजाओं और भूस्वामियों को हमने युद्ध में कष्ट पहुँचाया है, वे सभी कौरव पक्ष में सम्मिलित हो गए हैं और वहीं प्रिय हुए हैं ॥9-11॥ | mahabharat अध्याय 3.36: युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाना, व्यासजीका आगमन और युधिष्ठिरको प्रतिस्मृतिविद्याप्रदान तथा पाण्डवोंका पुन: काम्यकवनगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भूरिश्रवा, शल, महाबली जलसंध, भीष्म, द्रोण, कर्ण, महाबली अश्वत्थामा और सदा आतंकित रहने वाला धृतराष्ट्र का भयंकर पुत्र दुर्योधन, ये सभी अस्त्र-शस्त्र विद्या में निपुण हैं और जिन-जिन राजाओं और भूस्वामियों को हमने युद्ध में कष्ट पहुँचाया है, वे सभी कौरव पक्ष में सम्मिलित हो गए हैं और वहीं प्रिय हुए हैं ॥9-11॥
Bhurishrava, Shala, the mighty Jalsandha, Bhishma, Drona, Karna, the mighty Ashwatthama and the ever-terrorist Duryodhana, the fierce son of Dhritarashtra, all of them are experts in the art of weapons and all the kings and land-lords whom we have caused trouble in the war have joined the Kaurava side and have been loved there only. 9-11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥