Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.36.7: महाबाहो! जो कार्य उचित परामर्श और विचार-विमर्श के बाद तथा पूर्ण पराक्रम दिखाकर सुन्दरतापूर्वक किए जाते हैं, वे सफल होते हैं और दैव भी उनके अनुकूल हो जाते हैं। ॥7॥ | mahabharat अध्याय 3.36: युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाना, व्यासजीका आगमन और युधिष्ठिरको प्रतिस्मृतिविद्याप्रदान तथा पाण्डवोंका पुन: काम्यकवनगमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाबाहो! जो कार्य उचित परामर्श और विचार-विमर्श के बाद तथा पूर्ण पराक्रम दिखाकर सुन्दरतापूर्वक किए जाते हैं, वे सफल होते हैं और दैव भी उनके अनुकूल हो जाते हैं। ॥7॥
Mahabaho! The tasks which are carried out beautifully after proper consultation and deliberation and by displaying full valour are successful and the divine also becomes favourable to them. ॥ 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥