vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 36: युधिष्ठिरका भीमसेनको समझाना, व्यासजीका आगमन और युधिष्ठिरको प्रतिस्मृतिविद्याप्रदान तथा पाण्डवोंका पुन: काम्यकवनगमन
»
श्लोक 22
श्लोक
3.36.22
तयो: संवदतोरेवं तदा पाण्डवयोर्द्वयो:।
आजगाम महायोगी व्यास: सत्यवतीसुत:॥ २२॥
अनुवाद
जब दोनों पाण्डव इस प्रकार बातचीत कर रहे थे, तभी महायोगी सत्यवतीनन्दन व्यास वहाँ आ पहुँचे।
While the two Pandavas were conversing in this manner, the great yogi Satyavatinandan Vyasa arrived there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×