Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.35.4: निश्चय ही, समय की प्रतीक्षा वही कर सकता है जिसके पास आयु का कोई माप नहीं है अथवा जो अपने जीवन की ठीक-ठीक संख्या जानता है और जिसने सब कुछ प्रत्यक्ष देख लिया है ॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.35: दु:खित भीमसेनका युधिष्ठिरको युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो नूनममितायु: स्यादथवापि प्रमाणवित्।
स कालं वै प्रतीक्षेत सर्वप्रत्यक्षदर्शिवान्॥ ४॥
अनुवाद
निश्चय ही, समय की प्रतीक्षा वही कर सकता है जिसके पास आयु का कोई माप नहीं है अथवा जो अपने जीवन की ठीक-ठीक संख्या जानता है और जिसने सब कुछ प्रत्यक्ष देख लिया है ॥4॥
Certainly, only he who has no measurement of age or who knows the exact number of his life and who has seen everything directly can wait for the time. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥