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mahabharat 3.35.33: विद्वान लोग कहते हैं कि एक महीना एक वर्ष का प्रतीक है। जैसे यज्ञ में सोमलता के स्थान पर पूतिका का प्रयोग किया जाता है, वैसे ही तुम्हें भी इन तेरह महीनों को तेरह वर्षों का प्रतिनिधि मानना ​​चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 3.35: दु:खित भीमसेनका युधिष्ठिरको युद्धके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 35: दु:खित भीमसेनका युधिष्ठिरको युद्धके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  3.35.33 
अस्ति मास: प्रतिनिधिर्यथा प्राहुर्मनीषिण:।
पूतिकामिव सोमस्य तथेदं क्रियतामिति॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
विद्वान लोग कहते हैं कि एक महीना एक वर्ष का प्रतीक है। जैसे यज्ञ में सोमलता के स्थान पर पूतिका का प्रयोग किया जाता है, वैसे ही तुम्हें भी इन तेरह महीनों को तेरह वर्षों का प्रतिनिधि मानना ​​चाहिए।
 
Wise men say that a month represents a year. Just as Putika is used in the yagya in place of Somlaata, in the same way you should accept these thirteen months as the representative of thirteen years.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)