Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.35.14: नकुल, सहदेव और हमारी वृद्ध माता कुन्ती, जिन्होंने वीर पुत्रों को जन्म दिया, वे सब-के-सब आपको प्रसन्न करने की इच्छा से मूर्खों के समान मौन और मौन रहते हैं॥14॥ | mahabharat अध्याय 3.35: दु:खित भीमसेनका युधिष्ठिरको युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नकुल: सहदेवश्च वृद्धा माता च वीरसू:।
तवैव प्रियमिच्छन्त आसते जडमूकवत्॥ १४॥
अनुवाद
नकुल, सहदेव और हमारी वृद्ध माता कुन्ती, जिन्होंने वीर पुत्रों को जन्म दिया, वे सब-के-सब आपको प्रसन्न करने की इच्छा से मूर्खों के समान मौन और मौन रहते हैं॥14॥
Nakula, Sahadeva and our old mother Kunti, who gave birth to brave sons, all of them remain silent like fools and mute with the desire to please you. ॥14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥