Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.35.13: वही संसार के समस्त महाधनुर्धर धनुर्धरों का सामना कर सकता है, वही महायशस्वी अर्जुन के समान अपने मानसिक क्रोध से उत्पन्न होने वाले संताप को किसी प्रकार वश में कर रहा है ॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.35: दु:खित भीमसेनका युधिष्ठिरको युद्धके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वही संसार के समस्त महाधनुर्धर धनुर्धरों का सामना कर सकता है, वही महायशस्वी अर्जुन के समान अपने मानसिक क्रोध से उत्पन्न होने वाले संताप को किसी प्रकार वश में कर रहा है ॥13॥
He alone can face all the mighty archers of the world, he alone, like Arjuna the great elephant, is somehow controlling the anguish caused by his mental anger. ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥