Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.34.4: भीमसेन! पर्वतीय प्रदेश का निवासी शकुनि महान मायावी है। उसने द्यूतशाला में पासे फेंककर अपनी माया से मुझे पराजित कर दिया; क्योंकि मैं माया को नहीं जानता था, इसलिए मुझे यह कष्ट सहना पड़ा। | mahabharat अध्याय 3.34: धर्म और नीतिकी बात कहते हुए युधिष्ठिरकी अपनी प्रतिज्ञाके पालनरूप धर्मपर ही डटे रहनेकी घोषणा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीमसेन! पर्वतीय प्रदेश का निवासी शकुनि महान मायावी है। उसने द्यूतशाला में पासे फेंककर अपनी माया से मुझे पराजित कर दिया; क्योंकि मैं माया को नहीं जानता था, इसलिए मुझे यह कष्ट सहना पड़ा।
Bhimsena! Shakuni, the resident of the mountainous region, is a great illusionist. He defeated me by his illusion by throwing dice in the gambling hall; because I did not know the illusion; that is why I had to face this trouble.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥