Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.34.12: "भरत! यदि आप हम सबको जीत लेंगे, तो हम भी समस्त सांसारिक सुखों का त्याग करके उसी प्रकार उसी काल तक जीवनयापन करेंगे।" जब राजा दुर्योधन ने समस्त कौरवों के सामने ऐसा कहा, तब मैंने भी "ऐसा ही हो" कहकर उसकी बात मान ली॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 3.34: धर्म और नीतिकी बात कहते हुए युधिष्ठिरकी अपनी प्रतिज्ञाके पालनरूप धर्मपर ही डटे रहनेकी घोषणा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वयं चैतद् भारत सर्व एव
त्वया जिता: कालमपास्य भोगान्।
वसेम इत्याह पुरा स राजा
मध्ये कुरूणां स मयोक्तस्तथेति॥ १२॥
अनुवाद
"भरत! यदि आप हम सबको जीत लेंगे, तो हम भी समस्त सांसारिक सुखों का त्याग करके उसी प्रकार उसी काल तक जीवनयापन करेंगे।" जब राजा दुर्योधन ने समस्त कौरवों के सामने ऐसा कहा, तब मैंने भी "ऐसा ही हो" कहकर उसकी बात मान ली॥ 12॥
"Bharata! If you conquer us all, then we too will give up all worldly pleasures and live in the same manner for the same period." When King Duryodhana said this in front of all the Kauravas, I too said "So be it" and accepted his words.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥