Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.33.83: हे शत्रुनाश करनेवाले! यह बड़े दुःख की बात है कि आज आप भी हमारे साथ इस दयनीय स्थिति को पहुँच गए हैं और आपके ही कारण ऐसी विपत्ति उत्पन्न हुई कि हम सब नष्ट हो गए॥ 83॥ | mahabharat अध्याय 3.33: भीमसेनका पुरुषार्थकी प्रशंसा करना और युधिष्ठिरको उत्तेजित करते हुए क्षत्रिय-धर्मके अनुसार युद्ध छेड़नेका अनुरोध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इमामवस्थां च गते सहास्माभिररिंदम।
हन्त नष्टा: स्म सर्वे वै भवतोपद्रवे सति॥ ८३॥
अनुवाद
हे शत्रुनाश करनेवाले! यह बड़े दुःख की बात है कि आज आप भी हमारे साथ इस दयनीय स्थिति को पहुँच गए हैं और आपके ही कारण ऐसी विपत्ति उत्पन्न हुई कि हम सब नष्ट हो गए॥ 83॥
'O enemy-destroyer! It is very sad that along with us you have reached this miserable condition today and because of you only such a calamity arose that we all got destroyed.॥ 83॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥