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श्लोक  3.33.80 
पौरजानपदा: सर्वे प्रायश: कुरुनन्दन।
सवृद्धबालसहिता: शंसन्ति त्वां युधिष्ठिर॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
'कुरुपुत्र युधिष्ठिर! नगर और जनपद में रहने वाले प्रायः सभी लोग, छोटे-बड़े, आपकी स्तुति करते हैं। 80.
 
'Yudhishthira, son of Kuru! Almost all the people, young and old, living in the city and the district, praise you. 80.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)