Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.33.47: हे राजा पुरुषसिंह! अन्य सभी गुण मनुष्य में विद्यमान होने पर भी, धनहीन मनुष्य यज्ञ आदि धर्म का पालन नहीं कर सकता॥ 47॥ | mahabharat अध्याय 3.33: भीमसेनका पुरुषार्थकी प्रशंसा करना और युधिष्ठिरको उत्तेजित करते हुए क्षत्रिय-धर्मके अनुसार युद्ध छेड़नेका अनुरोध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजा पुरुषसिंह! अन्य सभी गुण मनुष्य में विद्यमान होने पर भी, धनहीन मनुष्य यज्ञ आदि धर्म का पालन नहीं कर सकता॥ 47॥
'O King Purushsingh! Even though all other qualities are present in a man, this religion like Yajna etc. cannot be performed by a man without wealth.॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥