श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 33: भीमसेनका पुरुषार्थकी प्रशंसा करना और युधिष्ठिरको उत्तेजित करते हुए क्षत्रिय-धर्मके अनुसार युद्ध छेड़नेका अनुरोध  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.33.41 
कामं पूर्वे धनं मध्ये जघन्ये धर्ममाचरेत्।
वयस्यनुचरेदेवमेष शास्त्रकृतो विधि:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार शास्त्र कहते हैं कि मनुष्य को जीवन के पूर्वार्ध (यौवन) में काम, मध्यकाल (प्रौढ़ावस्था) में धन और उत्तरार्ध (वृद्धावस्था) में धर्म का पालन करना चाहिए।॥ 41॥
 
'Similarly, the scriptures prescribe that one should follow sex in the earlier part of life (youth), wealth in the middle part (adulthood) and religion in the latter part (old age).॥ 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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