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श्लोक 3.32.42  |
अलक्ष्मीराविशत्येनं शयानमलसं नरम्।
नि:संशयं फलं लब्ध्वा दक्षो भूतिमुपाश्नुते॥ ४२॥ |
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| अनुवाद |
| जो मनुष्य आलस्य के कारण सोता है, वह दरिद्रता को प्राप्त होता है, जबकि कार्यकुशल व्यक्ति अवश्य ही मनोवांछित फल प्राप्त करता है और समृद्धि का भोग करता है ॥ 42॥ |
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| A man who sleeps due to laziness, attains poverty whereas an efficient person definitely gets the desired result and enjoys prosperity. ॥ 42॥ |
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