Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.32.28: तत्पश्चात् उसी उपाय से उस कार्य को सिद्ध करने का प्रयत्न करना चाहिए। इस संसार में सभी प्राणी उस कर्मजन्य सिद्धिका का आश्रय लेते हैं। 28॥ | mahabharat अध्याय 3.32: द्रौपदीका पुरुषार्थको प्रधान मानकर पुरुषार्थ करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् उसी उपाय से उस कार्य को सिद्ध करने का प्रयत्न करना चाहिए। इस संसार में सभी प्राणी उस कर्मजन्य सिद्धिका का आश्रय लेते हैं। 28॥
Thereafter, one should strive to accomplish that task using the same measures. All living beings in this world take support of that karma-born Siddhika. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥