vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 315: अज्ञातवासके लिये अनुमति लेते समय शोकाकुल हुए युधिष्ठिरको महर्षि धौम्यका समझाना, भीमसेनका उत्साह देना तथा आश्रमसे दूर जाकर पाण्डवोंका परस्पर परामर्शके लिये बैठना
»
श्लोक 29
श्लोक
3.315.29
सह धौम्येन विद्वांसस्तथा पञ्च च पाण्डवा:।
उत्थाय प्रययुर्वीरा: कृष्णामादाय धन्विन:॥ २९॥
अनुवाद
धौम्य सहित पांचों वीर एवं विद्वान पाण्डव द्रौपदी को साथ लेकर तथा अपने धनुष लेकर वहां से चले गए।
The five brave and learned Pandavas along with Dhaumya took Draupadi along with them and carrying their bows got up and left the place.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×