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mahabharat 3.314.4: मेरे ये भाई लाखों वीरों के साथ युद्ध करने जा रहे हैं। मैंने ऐसा कोई योद्धा नहीं देखा जिसने युद्धभूमि में उन सबको परास्त किया हो।   |   mahabharat अध्याय 3.314: यक्षका चारों भाइयोंको जिलाकर धर्मके रूपमें प्रकट हो युधिष्ठिरको वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 314: यक्षका चारों भाइयोंको जिलाकर धर्मके रूपमें प्रकट हो युधिष्ठिरको वरदान देना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.314.4 
मम हि भ्रातर इमे सहस्रशतयोधिन:।
तं योधं न प्रपश्यामि येन सर्वे निपातिता:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
मेरे ये भाई लाखों वीरों के साथ युद्ध करने जा रहे हैं। मैंने ऐसा कोई योद्धा नहीं देखा जिसने युद्धभूमि में उन सबको परास्त किया हो।
 
These brothers of mine are going to fight with lakhs of brave men. I have not seen any warrior who has defeated them all on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)