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श्लोक 3.314.19  |
यद् व: संकल्पितं रूपं मनसा यस्य यादृशम्।
तादृशं तादृशं सर्वे छन्दतो धारयिष्यथ॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| ‘और तुममें से जो कोई जिस प्रकार चाहे संकल्प करेगा, वह अपनी इच्छानुसार उस रूप को धारण कर सकेगा।॥19॥ |
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| ‘And whoever amongst you makes a resolution in whatever way he wishes, he will be able to assume that form according to his wish.॥ 19॥ |
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