श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  3.313.75 
यक्ष उवाच
कश्च धर्म: परो लोके कश्च धर्म: सदाफल:।
किं नयम्य न शोचन्ति कैश्च संधिर्न जीर्यते॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा - संसार में श्रेष्ठ धर्म कौन-सा है ? वह कौन-सा धर्म है जो सदैव फल देता है ? किसे वश में रखने से मनुष्य शोक नहीं करते ? और किसके साथ की गई मित्रता नष्ट नहीं होती ?॥ 75॥
 
Yaksha asked - What is the best religion in the world? What is the religion which always bears fruit? By keeping whom under control, men do not grieve? And friendship with whom does not get destroyed?॥ 75॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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