श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  3.313.73 
यक्ष उवाच
धन्यानामुत्तमं किंस्विद् धनानां स्यात् किमुत्तमम्।
लाभानामुत्तमं किं स्यात् सुखानां स्यात् किमुत्तमम्॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा, "मनुष्यों में धन्यवाद के योग्य सर्वोत्तम गुण क्या है? धन में श्रेष्ठ धन क्या है? लाभों में प्रधान लाभ क्या है? तथा सुखों में श्रेष्ठ सुख क्या है?"
 
The Yaksha asked, "What is the best quality among men worthy of thanks? What is the best wealth among wealth? What is the chief benefit among benefits? And what is the best happiness among pleasures?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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