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mahabharat 3.313.67: यक्ष ने पूछा, "कौन अकेला विचरण करता है? कौन एक बार जन्म लेता है और फिर जन्म लेता है? सर्दी की दवा क्या है? और वह महान आवरण (क्षेत्र) क्या है?"   |   mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  3.313.67 
यक्ष उवाच
किंस्विदेको विचरते जात: को जायते पुन:।
किंस्विद्धिमस्य भैषज्यं किंस्विदावपनं महत्॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा, "कौन अकेला विचरण करता है? कौन एक बार जन्म लेता है और फिर जन्म लेता है? सर्दी की दवा क्या है? और वह महान आवरण (क्षेत्र) क्या है?"
 
The Yaksha asked - Who moves about alone? Who is born once and is born again? What is the medicine for cold? And what is the great cover (area)?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)