Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.313.35-36h: मुझे आपके विषय में बड़ी जिज्ञासा हो गई है। मुझे आपसे थोड़ा-थोड़ा भय भी होने लगा है, जिससे मेरा हृदय व्याकुल हो गया है और सिर में पीड़ा होने लगी है। अतः हे प्रभु! मैं विनम्रतापूर्वक पूछता हूँ कि आप यहाँ कौन बैठे हैं?॥ 35॥ | mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुझे आपके विषय में बड़ी जिज्ञासा हो गई है। मुझे आपसे थोड़ा-थोड़ा भय भी होने लगा है, जिससे मेरा हृदय व्याकुल हो गया है और सिर में पीड़ा होने लगी है। अतः हे प्रभु! मैं विनम्रतापूर्वक पूछता हूँ कि आप यहाँ कौन बैठे हैं?॥ 35॥
I have become very curious about you. I have also started to feel a little afraid of you, due to which my heart has become anxious and my head has started to ache. Therefore, O Lord! I humbly ask, who are you sitting here?॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥