Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.313.33-34: हे बलवानों में श्रेष्ठ! तुमने महान कार्य किया है। तुमने उन वीर योद्धाओं को महान युद्धों में परास्त करके महान पराक्रम दिखाया है जिनके प्रभाव का सामना देवता, गंधर्व, दानव और राक्षस भी नहीं कर सकते थे। तुम्हारा कार्य क्या है? यह मैं नहीं जानता। तुम क्या चाहते हो? यह भी मैं नहीं जानता। | mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अतीव ते महत् कर्म कृतं च बलिनां वर।
यान्न देवा न गन्धर्वा नासुराश्च न राक्षसा:॥ ३३॥
विषहेरन् महायुद्धे कृतं ते तन्महाद्भुतम्।
न ते जानामि यत् कार्यं नाभिजानामि काङ्क्षितम्॥ ३४॥
अनुवाद
हे बलवानों में श्रेष्ठ! तुमने महान कार्य किया है। तुमने उन वीर योद्धाओं को महान युद्धों में परास्त करके महान पराक्रम दिखाया है जिनके प्रभाव का सामना देवता, गंधर्व, दानव और राक्षस भी नहीं कर सकते थे। तुम्हारा कार्य क्या है? यह मैं नहीं जानता। तुम क्या चाहते हो? यह भी मैं नहीं जानता।
O bravest of the strong! You have done a great deed. You have shown great valour by defeating those brave warriors in great wars whose influence even the gods, Gandharvas, demons and devils could not withstand. What is your work? I do not know this. What do you want? I do not know this either.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥