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श्लोक 3.313.32  |
हिमवान् पारियात्रश्च विन्ध्यो मलय एव च।
चत्वार: पर्वता: केन पातिता भूरितेजस:॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| मेरे पराक्रमी भाई हिमवान, पारियात्र, विन्ध्य और मलय चार पर्वतों के समान हैं, इन्हें किसने मारा है?॥ 32॥ |
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| My mighty brothers Himavan, Pariyatra, Vindhya and Malaya are like the four mountains. Who has killed them?॥ 32॥ |
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