श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 125
 
 
श्लोक  3.313.125 
यस्य नागसहस्रेण दशसंख्येन वै बलम्।
तुल्यं तं भीममुत्सृज्य नकुलं जीवमिच्छसि॥ १२५॥
 
 
अनुवाद
तुम दस हजार हाथियों का बल रखने वाले भीम को छोड़कर नकुल को क्यों बचाना चाहते हो? ॥125॥
 
Why do you want to save Nakul instead of Bhima who has the strength of ten thousand elephants? ॥125॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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