Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.313.116: इस संसार से प्रतिदिन प्राणी यमलोक को जा रहे हैं; परंतु जो पीछे रह जाते हैं, वे सदा जीवित रहने की इच्छा रखते हैं; इससे बढ़कर आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है ?॥116॥ | mahabharat अध्याय 3.313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस संसार से प्रतिदिन प्राणी यमलोक को जा रहे हैं; परंतु जो पीछे रह जाते हैं, वे सदा जीवित रहने की इच्छा रखते हैं; इससे बढ़कर आश्चर्य की बात और क्या हो सकती है ?॥116॥
Every day living beings are going to Yamaloka from this world; but those who are left behind wish to live forever; what can be more surprising than this?॥ 116॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥