श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 114
 
 
श्लोक  3.313.114 
यक्ष उवाच
को मोदते किमाश्चर्यं क: पन्था: का च वार्तिका।
ममैतांश्चतुर: प्रश्नान् कथयित्वा जलं पिब॥ ११४॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा, "कौन प्रसन्न है? आश्चर्य क्या है? मार्ग क्या है और वार्तालाप क्या है? मेरे इन चार प्रश्नों के उत्तर दो और फिर जल पी लो।"
 
The Yaksha asked, "Who is happy? What is the surprise? What is the path and what is the conversation? Answer these four questions of mine and then drink the water."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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