श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 313: यक्ष और युधिष्ठिरका प्रश्नोत्तर तथा युधिष्ठिरके उत्तरसे संतुष्ट हुए यक्षका चारों भाइयोंके जीवित होनेका वरदान देना  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  3.313.103 
यक्ष उवाच
अक्षयो नरक: केन प्राप्यते भरतर्षभ।
एतन्मे पृच्छत: प्रश्नं तच्छीघ्रं वक्तुमर्हसि॥ १०३॥
 
 
अनुवाद
यक्ष ने पूछा - हे भरतश्रेष्ठ! कौन मनुष्य अक्षय नरक में जाता है? मेरे इस प्रश्न का शीघ्र उत्तर दीजिए॥103॥
 
The Yaksha asked - O best of the Bharatas! Which man goes to Akshaya Naraka? Answer this question of mine quickly.॥103॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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