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श्लोक 3.313.103  |
यक्ष उवाच
अक्षयो नरक: केन प्राप्यते भरतर्षभ।
एतन्मे पृच्छत: प्रश्नं तच्छीघ्रं वक्तुमर्हसि॥ १०३॥ |
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| अनुवाद |
| यक्ष ने पूछा - हे भरतश्रेष्ठ! कौन मनुष्य अक्षय नरक में जाता है? मेरे इस प्रश्न का शीघ्र उत्तर दीजिए॥103॥ |
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| The Yaksha asked - O best of the Bharatas! Which man goes to Akshaya Naraka? Answer this question of mine quickly.॥103॥ |
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