श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.312.9 
ततोऽब्रवीत् सत्यधृति: कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:।
गच्छ सौम्य तत: शीघ्रं तूणै: पानीयमानय॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तब कुन्तीपुत्र और सत्य के अनुयायी युधिष्ठिर ने नकुल से कहा, 'हे सज्जन! शीघ्र जाओ और तरकश में जल भरकर लाओ।'
 
Then Yudhishthira, the son of Kunti and the follower of truth, said to Nakula, 'Gentle one! Go quickly and bring water in the quivers.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)