श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.312.8 
पश्यामि बहुलान् राजन् वृक्षानुदकसंश्रयान्।
सारसानां च निर्ह्रादमत्रोदकमसंशयम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! मुझे जलाशयों के पास बहुत से वृक्ष दिखाई दे रहे हैं। मुझे सारसों की ध्वनि भी सुनाई दे रही है; अतः निःसंदेह निकट ही कोई जलाशय है।॥8॥
 
‘O King! I see many trees which are found near water bodies. I can also hear the sound of cranes; hence there is undoubtedly a water body nearby.’॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)