श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 312: पानी लानेके लिये गये हुए नकुल आदि चार भाइयोंका सरोवरके तटपर अचेत होकर गिरना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.312.7 
नकुलस्तु तथेत्युक्त्वा शीघ्रमारुह्य पादपम्।
अब्रवीद् भ्रातरं ज्येष्ठमभिवीक्ष्य समन्तत:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तब 'बहुत अच्छा' कहकर नकुल शीघ्रतापूर्वक एक वृक्ष पर चढ़ गए और चारों ओर देखकर अपने बड़े भाई से बोले-॥7॥
 
Then saying 'Very good' Nakula quickly climbed a tree and after looking around said to his elder brother -॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)